रिपोर्ट: नवीन कुमार मीरा
इंदौर निवासी राजा उर्फ अमित रघुवंशी की हत्या के मामले में अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह हत्या कोई दुर्घटना या आपसी झगड़े का परिणाम नहीं थी, बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित साजिश थी। और इस साजिश की सूत्रधार कोई और नहीं बल्कि खुद मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी निकली।
मेघालय के पुलिस महानिदेशक (DGP) एल.आर. बिश्नोई ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि सोनम ने अपने पति की हत्या के लिए भाड़े के कातिलों को हायर किया था और पूरे घटनाक्रम की योजना पहले से ही तैयार थी।
हत्या का घटनाक्रम

11 मई को सोनम और अमित की शादी हुई थी। 20 मई को दोनों मेघालय घूमने गए और 23 मई से अमित लापता हो गया। 2 जून को उसका शव वीसावडॉन्ग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में बरामद हुआ। मौके से खून से सना धारदार हथियार (स्थानीय ‘दाउ’), मोबाइल स्क्रीन और सोनम की पहचान वाले कपड़े बरामद हुए।
सबूतों और गवाहों से खुली साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि सोनम और अमित के साथ हनीमून पर तीन अन्य युवक भी थे, जिन्हें सोनम ने ही बुलाया था। एक गाइड और होटल स्टाफ के बयानों से पुष्टि हुई कि यह तीनों युवक हत्याकांड में शामिल थे। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और डिजिटल चैट्स ने सोनम की भूमिका की पुष्टि कर दी।
गिरफ्तारी और आगे जांच
पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सोनम भी शामिल है। नेशनल कमिशन फॉर वीमेन (NCW) ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि भरोसे और रिश्तों की हत्या का प्रतीक बन गया है। एक नवविवाहित दंपती के जीवन की शुरुआत, साजिश और हत्या के अंत में बदल गई। यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि जब स्वार्थ रिश्तों पर हावी हो जाए, तो एक इंसान कितनी बेरहमी तक जा सकता है।
विशेष रिपोर्ट – नवीन कुमार मीरा