3700 किलोग्राम विस्पोटक से 28 अगस्त को ध्वस्त होगा ट्विन टॉवर


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की नोएडा ट्विन टॉवर ध्वस्तीकरण की तैयारियों की समीक्षा कर ली है

ट्विन टॉवर ध्वस्तीकरण में कड़ाई से हो सुरक्षा मानकों का पालन: मुख्यमंत्री

28 अगस्त को सुबह खाली कराई जाएगी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटी: आईआईडीसी

ट्विन टॉवर के चारों ओर की सड़कों पर प्रतिबंधित होगा आवागमन, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे भी ध्वस्तीकरण के समय आधा घंटे रहेगा बंद: आईआईडीसी

28 अगस्त को दोपहर 02:30 बजे होगा नोएडा ट्विन टॉवर का ध्वस्तीकरण

टॉवरों में 9600 होल करके भरी गई 3700 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, हो रही है चार्जिंग

अनियमितता के दोषी प्राधिकरण के अधिकारी, कर्मचारी और बिल्डर, आर्किटेक्ट सहित अब तक 26 नप चुके हैं।

मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद आईआईडीसी ने जारी किए दिशा-निर्देश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुपरटेक ट्विन टावरों को ध्वस्त करने के लिए बटन दबाने वाले चेतन दत्ता ने बताया कि दोनों टावर को विस्फोट से ध्वस्त करने की प्रक्रिया बेहद ही सरल है। हम डायनेमो से करंट उत्पन्न करेंगे और इसके बाद बटन दबाएंगे, जिसके बाद नौ सेकंड में टावर ध्वस्त हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि हम इमारत से लगभग 50-70 मीटर दूर होंगे, लिहाजा कोई खतरा नहीं होगा। हमें पूरा यकीन है कि इमारत सही तरीके से ढह जाएगी। ब्लास्टिंग क्षेत्र को लोहे की जाली की 4 परतों से और कंबल की दो परतों से ढका गया है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा परतों की वजह से मलबा तो नहीं उड़ेगा, लेकिन धूल का बड़ा गुब्बार उड़ना तय है। इसके लिए आसपास की इमारतों, पार्कों आदि को कपड़ों से कवर किया गया है। अस्थमा और अन्य मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

उधर, नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि दोनों टावर ध्वस्त करने की प्रक्रिया पूरी करने में 10 से 12 सेकंड का समय लगेगा। टावर ध्वस्त होने से करीब 80 हजार टन मलबा होगा, जिसका इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों टावर को ढहाने के लिए 500 से 700 मीटर का एरिया ब्लास्ट जोन में रखा गया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दो से तीन बजे तक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। वाहनों को अलग से रूट निर्धारित करके निकाला जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान दमकल, एंबुलेंस, पुलिस और अन्य रेस्क्यू टीमों को भी तैनात किया जाएगा। दोनों टावर ध्वस्त होने के बाद विशेषज्ञों की टीम आसपास की सोसायटी का निरीक्षण करेंगे। सभी इमारतों को पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने पर शाम छह बजे तक लोगों को सोसायटी के भीतर प्रवेश करने की अनुमति दे दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि किसी भी नुकसान की हालत के लिए पहले ही बीमा लिया जा चुका है। हालांकि उम्मीद है कि दोनों टावर को ढहाने की कार्रवाई बिना किसी नुकसान के पूरी कर ली जाएगी। 

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