वर्तमान में प्रति वर्ष लगभग 1-2ः टीबी की घटना घट रही
है। एनएसपी के तहत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए, हमें प्रति
वर्ष लगभग 10 से 15ः तक टीबी की घटनाओं में कमी
लाने की आवश्यकता है।
इसी संदर्भ में उन्नाव में मुख्य विकास अधिकारी दिव्यांशु पटेल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्ट्रेट स्थित पन्नलाल सभागार में जिला टीबी फोरम की बैठक सम्पन्न हुयी…!!
बैठक में भारत सरकार एवं राज्य सरकार के मंशानुरूप क्षय रोग के प्रभावी उन्मूलन के उद्देश्य से लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु किये जा रहे कार्यों तथा टीबी नोटिफिकेशन आदि के संबंध में जानकारी दी गयी ।

भारत दुनिया में सबसे अधिक टीबी भार वाला देश है।
10 मिलियन टीबी मामलों की अनुमानित वैश्विक वार्षिक
घटनाओं में से; भारत में अनुमानित भार 2.74 मिलियन
है। ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2018 के अनुसार तपेदिक की
अनुमानित घटना प्रति 100,000 आबादी पर 204 मामले और
मृत्यु दर 31 प्रति 100,000 जनसंख्या है।

टीबी नियंत्रण कार्यक्रम का लक्ष्य टीबी के कारण मृत्यु दर
और रुग्णता को कम करना और संक्रमण को कम करना है
जब तक कि टीबी भारत में एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य
समस्या न रह जाएं।
कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यः
◆ टीबी के कारण होने वाली घटनाओं और मृत्यु दर
को कम करना।
◆दवा प्रतिरोध को रोकने और दवा प्रतिरोध टीबी
मामलों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना।

एन एस पी ( 2017-25 ) के तहत टीबी के लिए लक्ष्य
◆ टीबी की घटना में 80ः की कमी (यानी 217 प्रति
लाख से घटकर 44 प्रति लाख)
◆ टीबी मृत्यु दर में 90ः की कमी (यानी 32 प्रति लाख
से घटकर 3 प्रति लाख)
◆ टीबी के कारण प्रभावित परिवारों के लिए शून्य
केटासट्रोपिकल लागत।
दवा प्रतिरोधी टीबी सेवाएं
ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के इलाज के लिए बेडैक्विलाइन नई
दवा और कम रेजिमेंट को 2018 में पूरे देश में चलाया
गया है। ऐसा अनुमान है कि भारत में 1.35 लाख ड्रग
रेसिस्टेंट टीबी के मरीज हैं। 2018 में लगभग 68,374 दवा
प्रतिरोधी टीबी रोगियों का निदान किया गया। 2017 में
38,605 की तुलना में 2018 में 58,347 दवा प्रतिरोधी टीबी
रोगियों का निदान किया गया था।